
By KENNETH P. VOGEL and BENJAMIN NOVAK from NYT U.S. https://ift.tt/33OjKLR
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गैजेट डेस्क. मुकेश अंबानी की कम्पनी जियो ने भीबुधवार शाम नए बढ़े हुएटैरिफ प्लान घोषित कर दिए हैं। ये सभी प्लान 6 दिसंबर से लागू होंगे।जियो के करीब 34 करोड़ ग्राहक हैं और अब उन्हें नई बढ़ी दरों पर टैरिफ लेना होगा साथ ही दूसरे नेटवर्क पर कॉल के लिए अलग से टॉप अप भी लेना पड़ सकता है।
3 दिसंबर कोवोडाफोन, आइडिया, एयरटेल समेत अन्य कंपनियां पर कॉल और इंटरनेट की दरें 50 प्रतिशत तक महंगीहो गई हैं। हालांकि जियो का दावा है कि टैरिफ हाइक के बावजूद एयरटेल और वोडा आइडिया से इसके प्लान 15 से 25 फीसदी तक सस्ते हैं।
जियो के 6 दिसंबर से लागू होने वाले प्लान इस तरह होंगे



गैजेट डेस्क. बुधवार को खबर आई कि एक अप्रत्याशित फैसले में गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज ने पैरेंट कम्पनी अल्फाबेट के सीईओ का पद छोड़ दिया। वहीं, दूसरे को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन ने भी प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया। बड़ी बात यह रही कि गूगल की सीईओ भारतवंशी सुंदर पिचाई को गूगल के साथ अल्फाबेट का सीईओ नियुक्त किया गया है। पेज और ब्रिन ने ब्लॉग पोस्ट के जरिए मंगलवार को इन फैसलों का ऐलान किया। इसके बाद पिचाई ने दोनों का आभार जताया। सुंदर पिचाई ने लैरी और सर्गेई के लेटर का जवाब देते हुए लिखा...
आपको नमस्कार,
जब मैं कुछ सप्ताह पहले टोक्यो दौरे पर गूगल के साथियों के बीच था, तो मैंने उनके साथ इस बारे में बात की थी कि पिछले कुछ सालों से गूगल कैसे बदला है? गूगल के साथ 15+ से ज्यादा वर्षों में वास्तव में मैंने कुछ देखा है तो वह यह है कि बदलाव ही नियति है। आगे बढ़ना विकास की प्रक्रिया है, जो फाउंडर्स को अक्सर 'अनकम्फर्टबली एक्साइटिंग' की तरह यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम किस चीज का हिस्सा हैं! ये कथन आज उस वक्त वाकई सही लगा होगा जब आपने लैरी और सर्गेई से जुड़ी खबर ब्लॉग पर पढ़ी होगी।
सबसे पहले लैरी और सर्गेई ने जो मैसेज शेयर किया उसके मुख्य बातें:
हर रोज कंपनी के मैनेजमेंट से गहराई से जुड़े रहना और इतने लंबे समय तक बने रहना एक जर्बदस्त विशेषाधिकार है। हम मानते हैं कि यह वक्त सलाह और प्यार देने वाले कम्पनी के गर्वित पैरेंट्स जैसा बनने का है, और रोजमर्रा में कोई दखलअंदाजी नहीं करने का है!
अब 'अल्फाबेट' अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है और गूगल के साथ दूसरी कंपनियां स्वतंत्र रूप से बेहतर काम कर रही हैं। यह स्वाभाविक वक्त है कि हम अपने मैनेजमेंट ढांचे को सरल बनाएं। जब आपको लगता है कि कंपनी सही दिशा में चल रही होती है, तब हमें मैनेजमेंट भूमिकाओं को पकड़ कर नहीं बैठना चाहिए। अल्फाबेट और गूगल को अब दो सीईओ और प्रेसिडेंट की जरूरत नहीं है। आगे चलकर सुंदर गूगल और अल्फाबेट दोनों के सीईओ होंगे। वे गूगल को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार और जवाबदेह रहेंगे, और आगे अन्य चुनौतियों के लिए अल्फाबेट में हमारे पोर्टफोलियो में निवेश को प्रबंधन करेंगे। वह हम लंबे समय के लिए गूगल और अल्फाबेट के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं, और बोर्ड के सदस्यों, शेयरधारकों और सह-संस्थापकों के रूप में सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे। इसके अलावा, हम नियमित रूप से सुंदर के साथ बातचीत करते रहेंगे, खासकर उन विषयों पर जिनके बारे में हम उत्साही हैं!
मैं पहली बार लैरी और सर्गेइ से 2004 में मिला था। तभी से उनके मार्गदर्शन और अंतर्दृष्टि का लाभ उठा रहा हूं। अच्छी खबर यह है कि मैं उनके साथ काम करना जारी रखूंगा - हालांकि उनके और मेरे लिए अलग-अलग भूमिकाएं हैं। वे अभी भी बोर्ड के सदस्यों और सह-संस्थापकों के रूप में सलाह देने के लिए आस-पास ही होंगे।
मैं ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इस फैसले से अल्फाबेट के ढांचे और रोजमर्रा के हमारे काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैं गूगल और उससे जुड़े उन कामों पर फोकस करूंगा, वह कंप्यूटिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए अधिक उपयोगी गूगल बनाने को लेकर हैं। ठीक इसी समय, मैं अल्फाबेट के बारे में भी उत्साहित हूं और इसका दीर्घकालिक ध्यान टेक्नोलॉजी के माध्यम से बड़ी चुनौतियों से निपटने पर है।
संस्थापकों ने हम सभी को दुनिया पर प्रभाव डालने का एक अविश्वसनीय मौका दिया है। उनके लिए धन्यवाद, हमारे पास एक टाइमलेस मिशन है, स्थायी मूल्य हैं, और सहयोग और अन्वेषण की संस्कृति है जो इसे हर दिन काम करने के लिए रोमांचक बनाती है। यह एक मजबूत नींव है जिस पर हम निर्माण करना जारी रखेंगे। हम यह देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकते कि हमें आगे कहां जाना है। हम सभी साथियों के साथ मिलकर इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।
- सुंदर