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वनप्लस नॉर्ड के बाद अब डेटा ब्रीच को लेकर सुर्खियों में कंपनी, लीक किया सैंकड़ों उपभोक्ताओं का डेटा

वनप्लस एक बार फिर सुर्खियों में लेकिन इस बार अपने सस्ते स्मार्टफोन वनप्लस नॉर्ड को लेकर नहीं बल्कि नए डेटा लीक मामले को लेकर सुर्खियों में है। कंपनी ने गलती से सैंकड़ों ग्राहकों के ईमेल आईडी को उजागर कर दिया है।

कंपनी ने एक रिसर्च स्टडी के लिए चुनिंदा यूजर्स को बल्क में मेल भेजे। हालांकि, ईमेल भेजने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन समस्या तब शुरू हुई जब कंपनी ने ईमेल को 'BCC' सेक्शन के बजाय 'To' सेक्शन में जोड़ दिया। हालांकि इस गलती के कारण कितने यूजर्स प्रभावित हुए फिलहाल इस बात की पुष्टि तो नहीं हो पाई है लेकिन एंड्रॉयड पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उजागर हुए ईमेल एड्रेस कीसंख्या सैकड़ों में है।

डेटा ब्रीच से हैं कंपनी का पुराना नाता
पिछले महीने के अंत में, वनप्लस को एक और सिक्योरिटी चैलेंज का सामना करना पड़ा जब इसकी आउट-ऑफ-वारंटी रिपेयर और एडवांस्ड एक्सचेंजिग इनवॉयस सिस्टम ने नाम, फोन डिटेल्स, ईमेल एड्रेस, IMEI नंबर और फिजिकल एड्रेस जैसी कस्टमर डिटेल्स उजागर किए थे। हालांकि इस डेटा ब्रीच ने अमेरिकी ग्राहकों को प्रभावित किया। पता चलने के बाद इस खामी में तुरंत सुधार भी कर लिया गया था। इस ब्रीच की तुलना में, नए ब्रीच को मामूली कहा जा सकता है, हालांकि लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने वनप्लस के सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है।

2018 में लगभग 40 हजार ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चोरी हो हुई थी

  • कंपनी ने 2018 की शुरुआत में पुष्टि की थी कि उसके लगभग 40,000 ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चोरी हो गई हैं। कंपनी ने इसकी वजह साइट के पेमेंट पेज पर मौजूद मैलिशियस कोड को बताया गया। उन्होंने कहा था कि यह चोरी दो महीनों के दौरान हुई, जो 2017 के नवंबर में शुरू हुई थी।
  • कंपनी ने इस दौरान प्रभावित ग्राहकों को अपने बैंक स्टेटमेंट की निगरानी करने की सलाह देते हुए क्रेडिट कार्ड से भुगतान को अस्थायी रूप से डिसेबल कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने प्रभावित ग्राहकों को एक साल के लिए मुफ्त क्रेडिट रिपोर्टिंग ऑफर की थी।

नवंबर 2019 में हैकिंग का शिकार हुई थी कंपनी
एक और डेटा ब्रीच पिछले नवंबर में हुई जब वनप्लस हैकिंग की घटना का शिकार हुआ जिसने ग्राहकों के नाम, ईमेल एड्रेस और शिपिंग एड्रेस उजागर किए। हालांकि, इस बार भी कंपनी ने आकर अपने ग्राहकों को बताया था किया कि उनके पेमेंट डेटा और पासवर्ड थर्ड पार्टी द्वारा उजागर या एक्सेस नहीं किए गए हैं।



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इससे पहले भी कंपनी ग्राहकों के नाम, फोन डिटेल्स, ईमेल एड्रेस, IMEI नंबर और फिजिकल एड्रेस जैसी जानकारियां उजागर कर चुकी है


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