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आय दिन लोग हो रहे मोबाइल बैंकिंग के शिकार, चंद मिनटों में हो रहा अकाउंट खाली; ऐसे फ्रॉड से बचने फॉलो करें ये 6 टिप्स

कोविड-19 महामारी ने उन लोगों को डिजिटल वर्ल्ड से जोड़ दिया, जो हमेशा इससे दूरी बनाए रहते थे। यानी जिन लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ कम है वे इसे सीख रहे हैं। हालांकि, उनके इस कमजोरी का फायदा कई हैकर्स उठा रहे हैं। दरअसल, इन दिनों डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अकाउंट से पैसा चोरी होने के कई केस सामने आ रहे हैं। यूजर द्वारा की गई एक गलती से उनका पूरा अकाउंट खाली हो जाता है। ऐसे में यदि आप भी बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तब कुछ बातें आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए...

1. मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन फीचर


सिंगल पासवर्ड का क्रैक करना आसान होता है, लेकिन मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन फीचर का आसानी से क्रैक नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अपने बैंकिंग ऐप्स में इस फीचर का इस्तेमाल करना चाहिए। इस फीचर में यूजर को लॉगइन करे लिए पासवर्ड के साथ फिंगरप्रिंट स्कैनर, ओटीपी, डेबिट कार्ड नंबर जैसी कई चीजों की जरूरत होती है। ऐसे में मल्टी लेयर को आसानी से नहीं तोड़ा जा सकता है।

2. एनएफसी-एम्बेडेड सिम कार्ड के उपयोग


एनएफसी-एम्बेडेड सिम कार्ड एक सिम कार्ड है जो कंज्यूमर को अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी को नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) सिम कार्ड में सुरक्षित रूप से डाउनलोड करने की अनुमति देता है। इस विकल्प से कंज्यूमर को अपने डेबिट, क्रेडिट कार्ड साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होती। ऐसे में कार्ड के खोने या भूलने का टेंशन भी नहीं रहती। कार्ड की मदद से कोई हैकर आपके अकाउंट तक पहुंच सकता है। ऐसे में इस बात की संभावना भी खत्म हो जाती है।

3. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन


इन दिनों डिजिटल ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़ रहा है। दुनियाभर में पेमेंट कार्ड, मर्चेंट, कार्ड ब्रांड्स, बैंक कार्ड्स जैसे कई तरीकों से अरबों का ट्रांजेक्शन हो रहा है। आपके इन्हीं ट्रांजेक्शन पर हैकर्स की नजर होती है। ऐसे में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन इस खतरे का समाधान है, क्योंकि यह डेटा को सिक्योर और मजबूत रखना सुनिश्चित करता है। यह सिक्योरिटी ऑडिट और पेनट्रैशन टेस्ट करता है जो सिक्योरिटी मेजर्स को एक्सट्रा मील तक ले जाता है।

4. इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट डिवाइसेस का यूज


अब ज्यादातर बैंक ऐप्स फिंगरप्रिंट सिक्योरिटी भी दे रहे हैं। हालांकि, ये सुविधा उन स्मार्टफोन में मिलती है जिसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया होता है। यह आईपी एड्रेस, लोकेशन, दिन का समय, डिवाइस टाइप, स्क्रीन सीज, ब्राउजर आदि जैसे संकेतों के विभिन्न सेट प्राप्त करता है। ऐसे में हो सकते तो आप भी ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल करें जिसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया है।

5. रियल टाइम टैक्स्ट और ईमेल अलर्ट


आपको अपने अकाउंट से जुड़ी रियल टाइम टैक्स्ट और ईमेल अलर्ट के साथ ऐप नोटिफिकेशन को भी ऑन रखना चाहिए। ताकि आपके अकाउंट से जुड़ा कोई भी ट्रांजेक्शन होता है तब उससे जुड़ा अलर्ट तुरंत आपको मिल जाए। यदि आपको अलर्ट रियल टाइम पर नहीं मिलता है तब आपको एक बार अपने बैंक में बात करना चाहिए। बैंक अकाउंट में होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए ये आपको तुरंत अलर्ट करेगा।

6. ऐप का सोर्स चेक करें


इन दिनों कई हैकर्स बैंक से मिलते-जुलते ऐप्स बनाकर ऐप स्टोर पर डाल देते हैं। ऐसे में यदि आपने जल्दबाजी में गलत ऐप डाउनलोड कर लिया तो आपके बैंक का पैसा तो जाएगा ही, फोन का डेटा भी चोरी हो जाएगा। इसमें जब भी कोई ऐप इन्स्टॉल करें तब उसका डेवलपर, इन्स्टॉल, रेटिंग, रिव्यू जैसी कई बातों पर ध्यान देना चाहिए। इन दिनों कई यूजर्स से गलत ऐप इन्स्टॉल करने की गलती हो रही है।



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multiple ways to improve security of mobile banking apps


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