Skip to main content

एंड्रॉइड पर डाटा यूजेज को कम करेंगे ये आसान टिप्स और ट्रिक्स

गैजेट डेस्क. पिछले कुछ वर्षों में यूजर्स के मोबाइल्स में डाटा की खपत में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। एप्लिकेशंस अब पहले से कहीं ज्यादा डाटा खपाने लगे हैं और अपडेट्स के लिए लगातार नए वर्जन्स लेकर आने लगे हैं। जबकि पहले वेब टेक्नोलॉजीज के कम विकसित होने के कारण वेब सर्फिंग अधिकतर टेक्स्ट आधारित होती थी, वहीं अब नए डेवलपमेंट्स के साथ वीडियो स्ट्रीमिंग को खासी लोकप्रियता मिली है और फेसबुक व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी वीडियो स्ट्रीमिंग को एक मेनस्ट्रीम सर्विस की तरह अपनाया है। ऐसे में यूजर्स के लिए एंड्रॉइड पर डाटा यूजेज को कम करना या सीमित रखना मुश्किल होता जा रहा है। अगर आप भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं तो कुछ टिप्स और ट्रिक्स हैं जो इसे दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं जिन्हें यहां शेयर किया जा रहा है-

सेटिंग्स में जाकर उपयोग सीमित करें

यूजर्स अपने मासिक डाटा उपभोग की सीमा तय करके अपने सरप्लस डाटा का उपयोग करने से बच सकते हैं। एंड्रॉइड पर सेटिंग्स एप के माध्यम से डाटा को लिमिट करने के लिए सेटिंग्स पर जाकर डाटा यूजेज बिलिंग साइकिल डाटा लिमिट पर टैप करें। यहां से एक महीने में डाटा की अधिकतम मात्रा सेट कर सकते हैं। इसके अलावा डाटा लिमिट पर पहुंचने पर नेटवर्क के ऑटोमैटिक डिसकनेक्शन का विकल्प भी चुना जा सकता है।

एप्लिकेशन बैकग्राउंड डाटा पर अंकुश लगाने के लिए यह करें

स्मार्टफोन को काम लिए बिना भी कुछ एप्स, डाटा को कंज्यूम करते रहते हैं। कौनसा एप कितना डाटा कंज्यूम कर रहा है। इसके आंकड़े देखने के लिए सेटिंग्स में डाटा यूजेज पर जाएं। किसी एप पर टैप करके आप उसमें दोनों तरह (बैकग्राउंड व फोरग्राउंड) का डाटा यूजेज जान सकते हैं। किसी एप का बैकग्राउंड डाटा काफी ज्यादा आया हो तो उसे पूरे समय बैकग्राउंड में रखने की जरूरत नहीं है। "रेस्ट्रिक्ट एप बैकग्राउंड डाटा" पर टैप करके यह सुनिश्चित हो जाएगा कि वह एप तभी डाटा कंज्यूम करेगा जब वह ओपन हो यानी वह कम डाटा खर्च करेगा।

अपनी स्ट्रीमिंग सर्विसेज का सीमित स्तर पर इस्तेमाल करें

आपको पता होना चाहिए कि स्ट्रीमिंग सर्विसेज, म्यूजिक और हाई-क्वालिटी इमेजेज सबसे ज्यादा डाटा कंज्यूम करते हैं, इसलिए मोबाइल डाटा उपयोग करते समय इन्हें नजरअंदाज करना ही अच्छा है। वैसे एक और विकल्प है- अपने स्टोरेज में म्यूजिक व वीडियोज को लोकली स्टोर या उन्हें वाई-फाई पर डाउनलोड करना। मोबाइल डाटा पर स्ट्रीमिंग के दौरान डाटा उपभोग को घटाने के लिए स्ट्रीम की क्वालिटी को कम रखना चाहिए। खासकर यूट्यूब काफी डाटा कंज्यूम करता है, इसलिए अपने एंड्रॉइड फोन पर मोबाइल डाटा इस्तेमाल करते हुए वीडियो का रेजोल्यूशन कम रखें। कई एंड्रॉइड स्ट्रीमिंग एप्स (जैसे नेटफ्लिक्स, यूट्यूब गो ) स्मार्टफोन्स के लिए डाटा सेवर मोड ऑफर करते हैं।

डाटा कंजम्पशन वाले एप्लिकेशंस को काम लें

अधिक डाटा कंज्यूम करने वाली डाटा - हंग्री एप्लिकेशंस, मोबाइल नेटवर्क पर होने के दौरान डाटा कंजम्प्शन पर गंभीर असर डाल सकते हैं। जैसे जब भी आप कोई फोटो क्लिक करते हैं तो संभव है कि गूगल फोटोज एप्लिकेशन उसी समय बैकग्राउंड में आपकी फोटोज को सिन्क्रोनाइज कर रहा होता है। क्योंकि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया एप्लिकेशंस बहुत सारा डाटा कंज्यूम करते हैं, इसलिए उनमें वीडियोज व जिफ्स को आपको नहीं देखना चाहिए या कम से कम देखना चाहिए। इसके बजाए आप फेसबुक के स्थान पर फेसबुक लाइट और ट्विटर के लिए ट्वीटकास्टर काम में ले सकते हैं।

ऑफलाइन उपयोग के लिए गूगल मैप्स को डाउनलोड करें

आप अपने मैप्स को गूगल मैप्स एप में सेव करके उन्हें ऑफलाइन काम में ले सकते हैं। फोन ऑफलाइन हो तो आप जीपीएस के जरिए किसी मैप के डाउनलोड होने के बाद नेविगेट भी कर सकते हैं। बेहतर है कि आप अपने होम एरिया और बार-बार ट्रैवल करने वाले रीजन्स का मैप डाउनलोड कर लें। इसके लिए गूगल मैप्स को ओपन करके मेन्यू पर जाकर सलेक्ट करें "ऑफलाइन मैप्स"। अब आप "सलेक्ट योर ओन मैप" पर टैप करने के बाद अपने एरिया को सलेक्ट करने के लिए जूम-इन या जूम-आउट करें। इसके बाद "डाउनलोड" पर क्लिक करें

क्रोम में डाटा कम्पैरिजन का इस्तेमाल करें

क्रोम में इनबिल्ट फीचर से डाटा कंजम्प्शन को काफी हद तक घटाया जा सकता है। इसके लिए क्रोम ओपन कर इसके अपर राइट कॉर्नर में 3 डॉट्स पर टैप करें, फिर सैटिंग्स पर टैप कर डाटा सेवर तक स्क्रॉल डाउन करें। यहां से अपर राइट कॉर्नर पर टैप करने से डाटा सेवर ऑन हो जाएगा। क्रोम में सेटिंग्स पैनल को री-विजिट कर आप यह पता कर सकते हैं कि किस समयावधि में आपने कितना डाटा बचाया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
These easy tips and tricks will reduce data usage on Android


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/39ixouL

Comments

Popular posts from this blog

Pilates for Posture: Fix Slouching at Your Desk

Pilates can be a very effective way to improve posture, especially if you spend long hours sitting at a desk. It focuses on core strength, spinal alignment, body awareness, and controlled movement, which are all important when you want to stop slouching and sit with less strain. If your shoulders round forward, your neck feels tight, or your lower back gets sore after work, Pilates can help you rebuild the support your body needs. The goal is not to force yourself into a perfect posture all day. It is to train the muscles that help you sit taller and move better naturally. Why Desk Posture Gets Worse Long hours of sitting often cause the chest to tighten, the shoulders to roll forward, and the core to weaken. Over time, this makes slouching feel normal. Poor posture is usually not a single problem. It is a mix of weak support muscles, tight hips, and a habit of sitting without enough movement. Pilates helps because it teaches your body how to hold itself with more control. Instead of r...

The Texas Oil Heir Who Took On Math’s Impossible Dare

By William J. Broad from NYT Science https://ift.tt/ZNibTug5j

पांच शहरों में 3000 स्मार्ट चार्जिंग स्टेशन लगाएगा eBikeGo, दोपहिया वाहन चार्ज किए जा सकेंगे

इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्टअप eBikeGo देश के पांच शहरों में 3000 स्मार्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बना रहा है। यह चार्जिंग स्टेशन IoT तकनीक पर आधारित होंगे और इन पर दोपहिया वाहन चार्ज किए जा सकेंगे। इन शहरों में लगाए जाएंगे चार्जिंग स्टेशन कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पहले चरण में 3000 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। यह स्टेशन दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में लगाए जाएंगे। यह स्टेशन तीन महीने में लगाए जाएंगे। कंपनी की योजना पूरे देश में 1 साल में 12 से 15 हजार चार्जिंग स्टेशन लगाने की है। ऐप से होगी चार्जिंग स्टेशनों की मॉनिटरिंग कंपनी के मुताबिक, इन चार्जिंग स्टेशनों की मॉनिटरिंग के लिए eBikeGo चार्ज ऐप लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप से वाहनों की मॉनिटरिंग भी होगी। यूजर इस ऐप से QR कोड स्कैन करके अपने वाहन को चार्ज कर सकेंगे। इस ऐप से चार्जिंग के दौरान बिजली की खपत की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा eBikeGo इस बात की मॉनिटरिंग भी करेगी कि वाहन में कितनी बैटरी बकाया है और कितनी चार्जिंग की आवश्यकता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में मदद ...